---रिच डैड पुअर डैड हिंदी सारांश -- रोबर्ट कियोसाकि - रॉबर्ट कियोसाकी जोकि इस किताब के लेखक है, उनके दो पिता थे। उनके एक पिता जो पढ़े-लिखे, पी.एच.डी होल्डर थे मगर जिंदगी भर गरीब ही रहे और गरीबी में ही मरे। इसलिए रॉबर्ट उन्हें Poor डैड कहते थे। वहीँ उनके दुसरे पिता बहुत पढ़े लिखे तो नहीं थे मगर काफी अमीर थे. उन्हें रॉबर्ट Rich डैड बुलाते थे। अब ये सोचने की बात है कि किसी भी इंसान के एक ही वक्त में दो पिता कैसे हो सकते है. उनके गरीब पिता का बस एक ही सपना था कि रॉबर्ट खूब मेहनत से पढ़ाई करने के बाद किसी बड़ी सी कंपनी में नौकरी करके अपना भविष्य सुरक्षित कर ले। मगर रॉबर्ट के दुसरे पिता जो अमीर थे, वे दरअसल रॉबर्ट के दोस्त माइक के पिता थे। वे चाहते थे कि रॉबर्ट अपनी जिंदगी में कुछ चेलेन्ज ले। क्योंकि सारे सबक सिर्फ स्कूल में ही नहीं सीखे जाते। कुछ सबक ऐसे होते है जिन्हें इंसान अपनी जिंदगी के तजुरबो से ही सीखता है। स्कूली पढ़ाई सिर्फ अच्छे ग्रेड्स दिला सकती है मगर जिंदगी की पढ़ाई बहुत कुछ सिखाती है। बेशक पढ़ाई-लिखाई की अपनी अहमियत है मगर ...
The Hindu newspaper analysis-17 and 18 July,2020 1- At UN meet, Modi calls for ‘reformed multilateralism’:- • The multilateral system needed to more representative, and India believed that “the path to achieve sustainable peace and prosperity” was through multilateralism, Pm.modi said. • He was speaking at a high level dialogue of the UN’s Economic and Social Council (ECOSOC) on “Multilateralism after COVID19: What kind of UN do we need at the 75th anniversary?” • “Only reformed multilateralism with a reformed United Nations at its centre can meet the aspirations of humanity,” Mr. Modi said in his speech focusing on India’s battle against the coronavirus pandemic. $300 bn package- He also detailed economic measures to manage the impact of the pandemic, including a government pack-age of $300 billion to “bring the economy back on track,build modern infrastructure and put in place a technolo-gydriven system”. ECOSOC- ...
राष्ट्रपति के पद की अवधि (Term of Office of The President): अनुच्छेद-56 के अनुसार राष्ट्रपति पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष की अवधि तक अपना पद धारण करता है। किन्तु वह पाँच वर्ष के पूर्व कभी भी उपराष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र दे सकता है। उसे संविधान का अतिक्रमण (Violation) करने पर अनुच्छेद-61 में उपबन्धित महाभियोग की प्रक्रिया द्वारा हटाया भी जा सकता है। राष्ट्रपति अपने पाँच वर्ष की पदावधि की समाप्ति के पश्चात भी तब तक अपना पद धारण किये रहता है जब तक कि उसका उत्तरधिकारी (नया राष्ट्रपति) अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है। राष्ट्रपति जब उपराष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र देता है तब उपराष्ट्रपति तत्काल इसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को देता है। अनुच्छेद-62 में कहा गया है कि राष्ट्रपति की 5 वर्ष की पदावधि समाप्त हाने के पूर्व ही नये राष्ट्रपति के लिए चुनाव सम्पन्न करा लिया जायेगा। राष्ट्रपति का पद मृत्यु, त्यागपत्र, महाभियोग या किसी अन्य कारण से रिक्त होता है तो उसको भरने के लिए चुनाव 6 माह के भीतर कराया जायेगा। मध्यावधि चुनाव द्वारा निर्वाचित नया राष्ट्रपति पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष तक अपना पद धारण करता ह...
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