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क़दम मिला कर चलना होगा / अटल बिहारी वाजपेयी

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बाधाएँ आती हैं आएँ घिरें प्रलय की घोर घटाएँ, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ, निज हाथों में हँसते-हँसते, आग लगाकर जलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में, अगर असंख्यक बलिदानों में, उद्यानों में, वीरानों में, अपमानों में, सम्मानों में, उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओं में पलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। उजियारे में, अंधकार में, कल कहार में, बीच धार में, घोर घृणा में, पूत प्यार में, क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ, प्रगति चिरंतन कैसा इति अब, सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ, असफल, सफल समान मनोरथ, सब कुछ देकर कुछ न मांगते, पावस बनकर ढलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। कुछ काँटों से सज्जित जीवन, प्रखर प्यार से वंचित यौवन, नीरवता से मुखरित मधुबन, परहित अर्पित अपना तन-मन, जीवन को शत-शत आहुति में, जलना होगा, गलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा।                               धन्यवाद ! ...

पंद्रह अगस्त की पुकार / अटल बिहारी वाजपेयी

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  पंद्रह अगस्त का दिन कहता:   आज़ादी अभी अधूरी है।   सपने सच होने बाकी है,   रावी की शपथ न पूरी है॥   जिनकी लाशों पर पग धर कर   आज़ादी भारत में आई,   वे अब तक हैं खानाबदोश   ग़म की काली बदली छाई॥   कलकत्ते के फुटपाथों पर   जो आँधी-पानी सहते हैं।   उनसे पूछो, पंद्रह अगस्त के   बारे में क्या कहते हैं॥   हिंदू के नाते उनका दु:ख   सुनते यदि तुम्हें लाज आती।   तो सीमा के उस पार चलो   सभ्यता जहाँ कुचली जाती॥   इंसान जहाँ बेचा जाता,   ईमान ख़रीदा जाता है।   इस्लाम सिसकियाँ भरता है,  डालर मन में मुस्काता है॥   भूखों को गोली नंगों को   हथियार पिन्हाए जाते हैं।   सूखे कंठों से जेहादी   नारे लगवाए जाते हैं॥   लाहौर, कराची, ढाका पर   मातम की है काली छाया।   पख्तूनों पर, गिलगित पर है   ग़मगीन गुलामी का साया॥   बस इसीलिए तो कहता हूँ   आज़ादी अभी अधूरी है।   कैसे उल्लास मनाऊँ मैं?   थोड़े दिन की मजबूरी है॥   दिन दूर नहीं खंडित ...

A.P.J. Abdul Kalam Biography

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डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था. उनकी जयंती को विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. वह 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे. उन्हें 1997 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "भारत रत्न" सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उनका जन्म धनुषकोडी, रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था और उन्होंने भौतिकी और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का अध्ययन किया था. अब्दुल कलाम आजाद आत्मकथा हिंदी में click here नाम: अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम) राष्ट्रीयता: भारतीय व्यवसाय: इंजीनियर, वैज्ञानिक, लेखक, प्रोफेसर, राजनीतिज्ञ जन्म: 15-अक्टूबर -1931 जन्म स्थान: धनुषकोडी, रामेश्वरम, तमिलनाडु, भारत निधन: 27 जुलाई 2015, शिलांग, मेघालय, भारत के रूप में प्रसिद्ध: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति रहे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वर्ष 2002 में लक्ष्मी सहगल के खिलाफ राष्ट्रपति चुने गए थे. भारत के राष्ट्रपति बनने से पहले, उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सा...

महाभियोग प्रकिया राष्ट्रपति के ऊपर ?

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राष्ट्रपति के पद की अवधि (Term of Office of The President): अनुच्छेद-56 के अनुसार राष्ट्रपति पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष की अवधि तक अपना पद धारण करता है। किन्तु वह पाँच वर्ष के पूर्व कभी भी उपराष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र दे सकता है। उसे संविधान का अतिक्रमण (Violation) करने पर अनुच्छेद-61 में उपबन्धित महाभियोग की प्रक्रिया द्वारा हटाया भी जा सकता है। राष्ट्रपति अपने पाँच वर्ष की पदावधि की समाप्ति के पश्चात भी तब तक अपना पद धारण किये रहता है जब तक कि उसका उत्तरधिकारी (नया राष्ट्रपति) अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है। राष्ट्रपति जब उपराष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र देता है तब उपराष्ट्रपति तत्काल इसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को देता है। अनुच्छेद-62 में कहा गया है कि राष्ट्रपति की 5 वर्ष की पदावधि समाप्त हाने के पूर्व ही नये राष्ट्रपति के लिए चुनाव सम्पन्न करा लिया जायेगा। राष्ट्रपति का पद मृत्यु, त्यागपत्र, महाभियोग या किसी अन्य कारण से रिक्त होता है तो उसको भरने के लिए चुनाव 6 माह के भीतर कराया जायेगा। मध्यावधि चुनाव द्वारा निर्वाचित नया राष्ट्रपति पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष तक अपना पद धारण करता ह...

संसदीय प्रस्ताव ?

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संसदीय प्रस्ताव क्या है ? संसदीय प्रस्ताव, संसद के सदस्यों के बोलने तथा अपनी बात कहने का एक माध्यम है। संसद सदस्य लोक हित से जुड़े मामलों को इन प्रस्तावों के माध्यम से ही संसद में उठाते हैं। संसद सदस्यों द्वारा संसद में रखे जाने वाले प्रस्तावो की सूची निम्नलिखित है – 1. कार्य स्थगन प्रस्तान (Work Adjournment Motions): जब कोई विशेष घटना घटित हो जाय या देश में कोई विशेष स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो संसद सदस्य, अध्यक्ष की अनुमति से यह प्रस्ताव कर सकते हैं कि सदन की वर्तमान कार्यवाही को स्थगित कर इस विशेष घटना, स्थिति या प्रश्न पर विचार किया जाना चाहिए। इसे ही ‘कार्य स्थगन प्रस्ताव’ या ‘काम रोको प्रस्ताव’ कहते हैं। प्रश्न काल की समाप्ति के बाद यह प्रस्ताव पेश किया जाता है। कार्य स्थगन प्रस्ताव (adjournment motions) कम-से-कम 50 सदस्यों द्वारा समर्थित होना चाहिए। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा प्रारम्भ हो जाने के बाद अध्यक्ष सभा को तब तक स्थगित नहीं कर सकता जब-तक कि प्रस्ताव का निपटारा न हो जाय। स्थगन प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने के बाद सभा स्वतः स्थगित हो जाती है। 2. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (Call Attention ...