upsc aspirant shayari

ना सुबह ना रात ,यह तो लगे रहते हैं दिन रात ना दोस्त ना परिवार ,यह है सहारे किताब ना Facebook ना WhatsApp, है तो सिर्फ पीआईबी और द हिंदू खास बात है इनकी,इनके सपने हैं बड़े दुख दर्द मौज-मस्ती, इनसे है कोसों दूर बस कुछ ही साल की मेहनत है,फिर फेसबुक व्हाट्सएप, और तो और टीवी में भी यही है इनके लिए क्या त्यौहार ,और क्या समारोह यह तो मग्न है, अपने History,polity और geography में इनके लिए क्या love और क्या love की feelings. इनके तो दिल में है, LBSNAA की हर एक building. अभी अपने दिल में दबा के चल रहे हैं यह अंगार. के जब मिल जाए, इन्हें कलेक्टर की कुर्सी तो बदल दे District की हुंकार. बस यही है ,इनकी मेहनत का राज के करना है एक दिन राज । Safin Hassan (Ips) – अगर आपको इस परीक्षा के लिए तपना नहीं पड़ेगा, sacrifice नहीं करना पड़ेगा। तो आज हर घर में एक आईएस, आईपीएस होता ।